बवासीर जड़ से खत्म करने के आसान घरेलू इलाज-Piles Home Remedies Hindi.

piles home remedies Hindi

Home remedies of piles in Hindi

बवासीर को एक बेहद जटिल और खतरनाक बीमारी माना जाता है। यह बहुत कारणों से उत्पन्न होने वाली बीमारी है और इसके लक्षण भी बेहद गंभीर देखे गए हैं। लीवर के भीतर और यकृत धमनी में रक्त की अधिकता के कारण ही बवासीर की बीमारी होती है इसलिए लीवर या यकृत दोस को इस बीमारी का मुख्य कारण माना जाता है।

बबासीर किसे कहते हैं? : What is Piles or Hemorrhoid in Hindi?

मलद्वार के अंतिम भाग की शिराओं के सूजने, फूलने अथवा बढ़ जाने को बवासीर कहा जाता है। इसी फूली हुई मलद्वार को मस्सा कहा जाता है। इसका आकार मटर के दाने जैसा फैला हुआ होता है। अधिक फुली हुई मस्सों का आकार मटर के दाने से भी बड़ा हो सकता हैं। बवासीर रोग में कभी तो एक ही मस्सा होता है और कभी एक से अधिक मस्से आपस में जुड़े हुए दिखाई पड़ते हैं।

यह मस्से यदि मलद्वार के बाहरी भाग में रहे तो बहिर्बली (External piles) या बादी बवासीर और यदि मलद्वार के भीतरी भाग में रहे तो अंतवर्ली (Internal piles) या खूनी बवासीर कहा जाता है। यह मस्से जब फटते हैं तब इन से रक्त बहने लगता है। प्रयह भीतरी मस्से ही अधिक फटते हैं। रक्त शराबी मस्सों को खूनी बाबासीर कहा जाता है। जिन मस्सों में खून नहीं बहता परंतु केवल दर्द, जलन अथवा खुजली के लक्षण ही प्रकट होते हैं उन्हें बादी बवासीर कहा जाता है। 

बवासीर/पाइल्स या हेमोरॉयड्स जिन लोगों में यह बीमारी उत्पन्न होती है उन लोगों के शरीर में अक्सर अस्वस्थता बनी रहती है।

बवासीर के मुख्य दो प्रकार होते हैं : Two types of Piles in Hindi.

खूनी बवासीर (Internal piles)
बादी बवासीर (External piles)

बवासीर में दिखने वाले लक्षण : Piles Symptoms in Hindi

खूनी बवासीर (internal piles) में दिखने वाले लक्षण : Internal Piles Symptoms in Hindi

  • खून गिरना एवं पिचकारी की तरह खून निकलना
  • बाबासीर में दर्द रहना
  • मल करते समय मसे बाहर निकल आना
  • शरीर में खून की कमी हो जाना

इसमें रक्तस्राव की समस्या बीच बीच में हुआ करते हैं यानी कुछ दिनों का क्या समस्या ठीक रहती है उसके बाद फिर कभी भी रक्त गिरना शुरू हो जाता है।

बादी बवासीर (External piles) में दिखने वाले लक्षण : External Piles Symptoms in Hindi.

  • मलद्वार में खुजली एवं सुरसुरी होते रहना
  • दर्द होते रहना मलद्वार में
  • मलद्वार में सूजन एवं जलन होना
  • चलने फिरने में तकलीफ होना
  • मल करते समय दर्द होना

इस में खून नहीं गिरता है या ना तो पकता है और ना इसमें जख्म उत्पन्न होते हैं। इसका दर्द 9 से 10 दिनों में घट जाता है उसके बाद फिर वही हालत हो जाती है।

अन्य लक्षण  :

  • ज्यादा रक्तस्राव के कारण एनीमिया का खतरा
  • ज्यादा दर्द होने के कारण बेहोशी की अवस्था 
  • सर दर्द की समस्या
  • मूत्र मार्ग एवं अंडकोष में दर्द का अनुभव

बवासीर होने का कारण : Causes of Piles in Hindi.

  • प्रतिदिन शराब का सेवन करना
  • उत्तेजक पदार्थों का सेवन करना
  • निरंतर धूम्रपान करना
  • तली हुई सामानों का सेवन अधिक करना
  • निरंतर कब्ज रहना और पढ़ें कब्ज खत्म करने के 20 आसान घरेलू उपाय
  • पेट में अधिक गैस का बनना
  • व्यायाम नहीं करना
  • मल त्याग के समय जोर लगाना
  • अत्यधिक मुलायम वस्तु पर निरंतर बैठे रहना
  • गर्भावस्था में कसकर कमर बांधना
  • कसे हुए वस्त्र पहनना
  • अधिक समय तक बैठे रहकर काम करते रहना
  • अपच की बीमारी रहना
  • लिवर और यकृत दोस

बवासीर के कुछ आसान घरेलू इलाज : Home remedies of piles in Hindi.

बवासीर को घरेलू उपाय के द्वारा भी पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। इसे दवाइयों के द्वारा भी पूरी तरह से खत्म करना संभव है अगर यह समस्या ज्यादा जटिल हो जाए तो इसे ऑपरेशन के द्वारा बाहर निकालकर बवासीर को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।

Piles/बवासीर को चार स्तरों में बांटा गया है।

स्तर 1स्तर 2 stage/स्तर 3स्तर 4

खूनी बवासीर का आसान घरेलू इलाज : Home remedies of Internal Piles in Hindi.

1 – मीठे अनार के छिलके का चूर्ण 2-2 ग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार ताजे पानी से लेते रहे 10 दिनों में खूनी बवासीर से छुटकारा मिल जाएगा 10 दिनों तक तली हुई व गर्म चीजों से परहेज करें और कब्ज की समस्या उत्पन्न ना होने दें।

2 – दो अंजीर को 12 घंटे तक पानी में भिगो कर रखें 5 दिनों तक 2-2 अंजीर उसी तरह से पानी में भिगोकर खाएं 5 दिनों में ही खूनी बवासीर में लाभ मिलेगा।

3 – खूनी बवासीर में अगर मस्से ज्यादा परेशान कर रहे हो तो 15 से 20 ग्राम मखन या दूध, दही की मलाई में 8 से 10 ग्राम फिटकरी मिलाकर मस्सों पर लेप कर दे मस्से सूख जाएंगे।

4 – खूनी बवासीर में फिटकरी को पानी में घोलकर मलद्वार में पिचकारी देने से तत्काल राहत मिलेगी इसके अलावा बवासीर के रोगी को दही में मामूली मात्रा में फिटकरी का चूर्ण मिलाकर सवेरे शाम सेवन करना चाहिए।

5 – अनार के वृक्ष की छाल के काढ़े में सोंठ का चूर्ण मिलाकर पिला देने से बवासीर से बहता हुआ खून बंद हो जाता है।

6 – करेले के पत्तों अथवा करेले के रस में थोड़ी सी शक्कर या मिश्री मिलाकर छोटे चम्मच की मात्रा में लें इससे खूनी बवासीर में लाभ मिलेगा।

7 – खूनी बवासीर के रोगियों को प्रतिदिन सुबह खाली पेट पपीता खाना लाभदायक रहता है।

बादी बवासीर का आसान घरेलू इलाज : Home Remedies of External Piles in Hindi.

1 – सुहागा हल्दी गुड़ एवं चीते (जड़ी बूटी) की जड़ को समान मात्रा में जल में पीसने के उपरांत बवासीर के मस्सों पर कुछ दिनों तक गाढ़ा गाढ़ा लेप करने से बाबासीर से मुक्ति मिल जाती है।

2 – आधा चम्मच हर्रे का चूर्ण गर्म पानी से सुबह शाम लेने से बादी बवासीर में लाभ मिलता है।

3 – कच्चे पपीते को छीलने पर गूदे में से निकलने वाले सफेद दूध जैसे पदार्थ को एक मोटे से कपड़े पर लगाते रहने तथा सूखने के उपरांत झरने वाले सफेद पाउडर को एकत्रित कर थोड़ी सी मात्रा में सुहागे के पाउडर के साथ मिलाने एवं जल से मरहम बनाकर बाबासीर के स्थान पर कुछ दिनों तक नियमित रूप से लगाने से मस्से नष्ट हो जाते हैं इसके उपयोग से गोखरू भी समाप्त हो जाता है।

4 – मूली काट कर उस पर शक्कर डालकर 2 माह तक खाए बवासीर ठीक हो जाएगी।

5 – जीरा एवं मिश्री समान मात्रा में पीसकर एक चम्मच तीन बार ठंडे पानी के साथ उपयोग करें तथा जीरा पीसकर मलद्वार पर लेप करें इससे बाबासीर की सूजन व दर्द में लाभ होगा।

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