Vaccination during Pregnancy

किस वैक्सीन का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान करना आवश्यक माना जाता है और किस वैक्सीन का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान नहीं की जानी चाहिए।

आमतौर पर वैक्सीन के दो प्रकार होते हैं पहला जिसमें मरे हुए वायरस का इस्तेमाल किया जाता है जिसे इन एक्टिवेटेड वायरस (inactive virus) भी कह सकते हैं जिसे गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल की जाती है। परंतु जिस वैक्सीन में जीवित वायरस का इस्तेमाल किया जाता है जिसे आप लाइव वायरस (live virus) भी कह सकते हैं। लाइव वायरस का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान नहीं की जानी चाहिए।

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गर्भावस्था के दौरान दो वैक्सीन का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जाता है। : Two vaccination during pregnancy is important.

फ्लू शॉट या इनफ्लुएंजा वैक्सीन (Flu shot or Influenja vaccine):

फ्लू शॉट वैक्सीन गर्भवती महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनफ्लुएंजा वैक्सीन की सलाह उन गर्भवती महिलाओं को दी जाती है जो फ्लू के मौसम में गर्भावस्था धारण करती है। फ्लू शॉट या इनफ्लुएंजा वैक्सीन में मरे हुए वायरस का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए यह वैक्सीन मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। इनफ्लुएंजा नेजल स्प्रे वैक्सीन का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान नहीं की जानी चाहिए क्योंकि इसमें जीवित वायरस या लाइव वायरस का इस्तेमाल किया जाता है और जीवित वायरस या लाइव वायरस की वैक्सीन गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती है।

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जो महिलाएं फ्लू के मौसम में गर्भ धारण करती हैं उन्हें फ्लू होने का खतरा और उनके बच्चे को फ्लू और वूपिंग कफ होने का खतरा काफी ज्यादा बना हुआ होता है जो छोटे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

टिटनेस, डिप्थीरिया और ए सेलुुलर पारटुसीस वैक्सीन या टीडीएपी वैक्सीन (Tdap Vaccine):

टीडीएपी वैक्सीन की एक खुराक हर गर्भावस्था के दौरान लगवानी आवश्यक होती है। टीडीएपी वैक्सीन आपको और आपके नवजात शिशु को टिटनस, डिप्थीरिया और वूपिंग कफ (Partussis) से सुरक्षित रखता है। इस वैक्सीन का इस्तेमाल गर्भावस्था के 27 वे सप्ताह और 36 वे सप्ताह में करवाने की आवश्यकता होती है।

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गर्भावस्था के दौरान दी जाने वाले टीडीएपी वैक्सीन को काफी महत्वपूर्ण वैक्सीन माना जाता है क्योंकि यह वैक्सीन आपको और आपके नवजात बच्चे को टिटनेस के साथ-साथ डिप्थीरिया और वूपिंग कफ से भी सुरक्षित रखने में मदद करता हैै। 

अगर गर्भावस्था के दौरान आप किसी और संक्रमण से प्रभावित होते हैं तो उसके लिए भी वैक्सीनेशन की आवश्यकता पड़ती है। अगर आप हेपेटाइटिस बी से ग्रसित महिला हैं और आप गर्भवती होती हैं तो आपको हेपेटाइटिस बी की वैक्सीनेशन की आवश्यकता पड़ सकती है जो आपके नवजात बच्चे को हेपेटाइटिस बी के खतरे से बचाने में मदद कर सकता है।

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गर्भावस्था के दौरान इन वैक्सीनेशन का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। : This vaccination during pregnancy is not important.

वैक्सीन काफी तरह की होती हैं और सभी वैक्सीन में मरे हुए वायरस अर्थात इनएक्टिव वायरस और जीवित वायरस अर्थात लाइव वायरस का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप गर्भावस्था के दौरान हैं तो जीवित वायरस से बने हुए वैक्सीन अर्थात लाइव वायरस वैक्सीन का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। कुछ लाइव वायरस वैक्सीन निम्नलिखित हैं।

  • चिकन पॉक्स वैक्सीन 
  • मीजलस, मम्स, रूबेला वैक्सीन 
  • सिंगल्स वैक्सीन

यह सभी वैक्सीन जीवित वायरस अर्थात लाइव वायरस वैक्सीन कहे जाते हैं इसलिए इन सभी वैक्सीन का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान खतरनाक माना जाता है। 

अगर आप गर्भधारण करना चाहती हैं तो आप अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें कि आपको किन वैक्सीन की आवश्यकता हो सकती है और किन वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करने की जरूरत है। 


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